Harmonizing Architecture and Education: A Vastu Consultation at Birla Open Minds International School, Bhopal शिक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संगम: भोपाल के बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल में वास्तु विजिट

दिनांक: 25 फरवरी 2026
स्थान: बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल
परिचय
आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को वास्तु और आर्किटेक्चर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विजिट संपन्न हुई। डॉ. चंद्रशेखर चंदेरिया ने भोपाल स्थित प्रतिष्ठित 'बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल' (Birla Open Minds International School) का दौरा किया। इस विजिट का मुख्य उद्देश्य विद्यालय परिसर में वास्तु के सिद्धांतों को लागू कर वहां के वातावरण को और अधिक सकारात्मक और प्रगतिशील बनाना था।
विजिट के मुख्य अंश:
 * प्रबंधन के साथ सार्थक चर्चा:
   स्कूल परिसर में पहुँचने पर डॉ. चंदेरिया ने स्कूल के ओनर (Owner), श्री राकेश मलिक जी से मुलाकात की। उनके साथ पूरे विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए वास्तु संबंधित गहन परामर्श दिए गए। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि कैसे वास्तु के सही उपयोग से संस्थान की उन्नति और समृद्धि को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।
 * शैक्षणिक नेतृत्व को मार्गदर्शन:
   शिक्षा के क्षेत्र में मानसिक शांति और एकाग्रता का होना अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में स्कूल की प्रिंसिपल, मैम गीता जी से भी विशेष मंत्रणा हुई। उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को समझते हुए, डॉ. चंदेरिया ने उन्हें बताया कि स्टाफ और छात्रों से 'बेस्ट रिस्पांस' (Best Response) प्राप्त करने के लिए कौन से वास्तु उपाय कारगर सिद्ध होंगे।
 * निर्माण कार्य और तकनीकी निरीक्षण:
   साइट पर चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वास्तु-अनुरूपता सुनिश्चित करने के लिए, डॉ. चंदेरिया ने साइट इंजीनियर के साथ मिलकर निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे प्रोजेक्ट में वास्तु के नियमों का पालन करने और भविष्य के निर्माण के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए, ताकि इमारत का ढांचा ऊर्जा के सही प्रवाह में सहायक बने।
निष्कर्ष
एक शिक्षण संस्थान केवल ईंट-गारे की इमारत नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का केंद्र होता है। डॉ. चंद्रशेखर चंदेरिया द्वारा दी गई यह वास्तु विजिट इस बात का प्रमाण है कि जब आधुनिक शिक्षा के साथ प्राचीन वास्तु विज्ञान का मेल होता है, तो परिणाम अत्यंत सुखद और सकारात्मक होते हैं।
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